सभी मानव
जन्म से
स्वतंत्र
तथा
प्रतिष्ठा
और अधिकारों
में एक बराबर
है और हरेक को
अपने देश एवं
प्रदेश
की सरकार
बनाने में
सीधे तौर पर
या स्वतंत्र
रुप से चुने
हुए
प्रतिनिधियों
के द्वारा
भाग लेने का
अधिकार है।
इसके
अतिरिक्त
अन्तर्राष्टीय
प्रतिज्ञापत्र
के नागरिक और
राजनैतिक
अधिकार
सुनिश्चत
करते है कि ये
अधिकार सारे
नागरिको को
प्रत्याभूत
है। यह
मनोभाव
दुनिया में
लोकतांत्रिक
समाज के
आधार
है।
लोकतंत्र
इसलिए
अर्थपूर्ण
है
क्योंकि यह
भागीदारी को
निश्चित
करता है,लोकतंत्र
इसलिए
अर्थपूर्ण
है क्योंकि
यह एक स्पष्ट
अधिदेश
प्रदान करता
है और
लोकतंत्र
इसलिए
अर्थपूर्ण
है क्योंकि
यह सूचनाओं
से परिपूर्ण
है। भारत
में
लोकतंत्र एक
प्रथा की तरह
है जिसमें
लोग शासन
के परिदान व
अपने
क्षेत्रों
की उन्नति की
अपेक्षाओं
के लिए
राजनैतिक
दलों और उनके
प्रबन्धों
का आकलन करते
हैं।
ई-गर्वनैंस
के युग में,
राज्य का
निर्वाचन
विभाग लोगों
को उत्तम
सेवाएं
प्रदान करने
के लिये
प्रतिबद्ध हैं
जैसे कि -
त्रुटि रहित
मतदाता
सूची , मतदाता
फोटो पहचान
पत्र, मतदान
केन्द्रों
के मान-चित्र (नक्शे)
जिसमें
मतदान
क्षेत्र
दर्शाए गए है,
जनसधारण
को उनके
कर्तब्यों
व
अधिकारों के
बारें में
जागृत करना
तथा उनके
द्वारा
मैत्रीपूर्ण
व्यवहार व विभाग की
विभिन्न
सूचनाओ के
आंकडों को
सुव्यवस्थित
करना।
।
विभाग अपने
दृष्टिकोण
को भारत निर्वाचन
आयोग के साथ
बांटते हुए
आने वाले
वर्षों में
एक योग्य
मतदाता को आन-लाईन
ई-वोटिंग की
सुविधा
प्रदान करने
के लिये
प्रयासरत
है।
जनता
अपनी
आवश्यकताओ
समझ व शक्तियों
के अनुरुप
दी
गई
सुविधाओं की
गुणवता
परखने के
लिये
सर्वोतम
न्यायधीश
है। हम सभी
लोगों को
संतुष्टि
प्रदान करने
के लिए
हिमाचल
प्रदेश
राज्य के सभी
नागरिकों से
एक सच्ची
नागरिक-मैत्रीपूर्ण,
पारदर्शिक
और स्बच्छ
प्रणाली स्थापित
करने के लिए
उनके
सुझाव और
भागीदारी के
माध्यम से
उनके सक्रिय
सहयोग की
कामना करते
है।
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