प्रश्न
10
:
एक
प्रगणक
(सूची
में नाम
दर्ज
करने
वाला)
मेरे घर
पर आया
था और सभी
विवरण
ले गया
था। मैं
कैसे
सुनिश्चित
करूँ कि
मेरा
नाम अन्तिम
रूप से
प्रकाशित
निर्वाचक
नामावली
में
सम्मिलित
हो गया
है?
उत्तर :
प्रगणक
ने आपको प्रगणना
का
दस्तावेज
दिया
होगा जो
आपके
पास
बतौर
रसीद
रहेगा।
प्रगणना
के
पश्चात
मतदाता
सूची का
मसौदा
तैयार
करके
सम्बन्धित
निर्वाचक
रजिस्ट्रीकरण
अधिकारी/सहायक
निर्वाचक
रजिस्ट्रीकरण
अधिकारी
तथा
मतदान
केन्द्रों
पर जन-साधारण
के
निरीक्षण
हेतु निर्धारित
अवधि के
लिए
उपलब्ध
किया
जाता हैं। आप
इस मसौदे
का
निरीक्षण
करके
अपना
नाम
मतदाता
सची
में दर्ज
होने की
पुष्टि
कर सकते
हैं।
प्रश्न
11
: कृपया
मुझे
विधान
सभा
निर्वाचन
क्षेत्र
तथा
मतदान
केन्द्र
का
विवरण
दीजिए।
विवरण
प्राप्त
करने के
लिए
मुझे
किससे
सम्पर्क
करना
होगा?
उत्तर
: यह तभी
सम्भव
हो
पाएगा
जब आप
अपना
पूरा
पता
पूछताछ
कक्ष को
देंगे।
पूछताछ
कक्ष का
फोन न. 01772622721
है।
आप यह
विवरण
भारत
निर्वाचन
आयोग
अथवा
मुख्य
निर्वाचन
अधिकारी
की
वैबसाईट
से भी
प्राप्त
कर सकते
है।
प्रश्न
12
:
मेरा
पुराना
पहचान
पत्र खो
गया है।
मुझे
नया
पहचान
पत्र कैसे मिल
सकता है?
उत्तर : आप पुलिस
थाने
में
दर्ज
प्रथम
सूचना रिपोर्ट
की एक
प्रति सम्बन्धित
निर्वाचक
रजिस्ट्रीकरण
अधिकारी
के
कार्यालय
में जमा कर
सकते
हैं।
आपको रू. 25/-
जमा
करने पर
नया
पहचान
पत्र मिल
जाएगा।
पहचान
पत्र
जारी
करने की
तारीख
शीर्ष
समाचार
पत्रों
में
प्रकाशित
जारी की जाती
है।
प्रश्न
13 : राज्य
में
निर्वाचन
सम्बन्धी
कार्यों
की
देखरेख
कौन
करता है?
उत्तर
: राज्य
का
मुख्य
निर्वाचन
अधिकारी,
संसदीय
तथा
विधान
सभा
निर्वाचनों
से
सम्बन्धित
कार्यों
की देखरेख
करता
है।
लोक
प्रतिनिधित्व
अधिनियम,1950
की धारा 13
क के साथ पठित
लोक
प्रतिनिधित्व
अधिनियम,1951
की धारा 20 ,
के
अनुसार
भारत
निर्वाचन
आयोग के
सम्पूर्ण
अधीक्षण,ऩिर्देशन
तथा
नियंत्रण
में
राज्य/
संघ का
मुख्य
निर्वाचन
अधिकारी
राज्य/
संघ के
निर्वाचन
सम्बन्धी
कार्यों
की
देखरेख
के लिए
प्राधिकृत
है।
प्रश्न
14 : मुख्य
निर्वाचन
अधिकारी
को कौन
नियुक्त
करता
है?
उत्तर
: राज्य
सरकार/
संघ शासन
के
परामर्श
पर भारत
निर्वाचन
आयोग, राज्य
सरकार/
संघ शासन
के
अधिकारी
को
मुख्य
निर्वाचन
अधिकारी
के तौर
पर पदाभिहित
या
नामनिर्दिष्ट
करता
है।
प्रश्न
15 :
जिला
में
निर्वाचन
सम्बन्धी
कार्यों
की देखरेख
कौन
करता है?
उत्तर: लोक
प्रतिनिधित्व
अधिनयम 1950
का धारा 13
क के
अनुसार
मुख्य
निर्वाचन
अधिकारी के
अधिक्षण
,निर्देशन
एवं
नियंत्रण
में
जिला निर्वाचन अधिकारी
जिले के निर्वाचन
सम्बन्धी
कार्यों
की
देखरेख
करता
है।
प्रश्न
16 : जिला
निर्वाचन
अधिकारी
कौन
नियुक्त
करता
है?
उत्तर
: भारत
निर्वाचन
आयोग, राज्य
सरकार के परामर्श
से
राज्य
सरकार के एक
अधिकारी
को जिला निर्वाचन
अधिकारी
के तौर
पर पदाभिहित
या
नामनिर्दिष्ट
करता
है।
प्रश्न
17 : किसी एक
संसदीय
अथवा
विधान
सभा
क्षेत्र
में
निर्वाचन
के
संचालन
के लिए कौन
उत्तरदायी
है?
उत्तर
: पीठासीन
अधिकारी।
लोक
प्रतिनिधित्व
अधिनियम,1951
की धारा 24
के
अन्तर्गत
संसदीय
अथवा
विधान
सभा
क्षेत्र
का
पीठासीन
अधिकारी,संसदीय
अथवा
विधान
सभा
क्षेत्र
के
निर्वाचनों
के
कार्य
संचालन
के लिए
उत्तरदायी
है।
प्रश्न
18
: पीठासीन
अधिकारी
को कौन
नियुक्त
करता
हैं?
उत्तर
:
भारत
निर्वाचन
आयोग।
राज्य
सरकार /संघ
शासन
के
परामर्श
से भारत
निर्वाचन
आयोग
सरकार
अथवा स्थानीय
अधिकारी
को प्रत्येक
विधान
सभा
निर्वाचन
क्षेत्र
तथा
संसदीय निर्वाचन
क्षेत्र
के लिए पीठासीन
अधिकारी
के तौर
पर पदाभिहित
या
नामनिर्दिष्ट
करता
है।
इसके
अतिरिक्त
भारत
निर्वाचन
आयोग
प्रत्येक,
संसदीय
अथवा
विधान
सभा
निर्वाचन
क्षेत्र
के
निर्वाचनों
के
कार्य
संचालन
के लिए
पीठासीन
अधिकारी
की
सहायता
के लिए
एक या
अधिक
सहायक
पीठासीन
अधिकारियों
की
प्रतिनियुक्ति
भी करता
है।
प्रश्न
19
:
संसदीय
अथवा
विधान
सभा
निर्वाचन
क्षेत्र
की
निर्वाचक
नामावलियाँ
तैयार
करने का
उत्तरदायित्व
किसका
है?
उत्तर :
निर्वाचक
रजिस्ट्रीकरण
अधिकारी
का ।
दिल्ली
के मामले
में ये
क्षेत्रीय
उपप्रभागी
मजिस्ट्रेट/अतिरिक्त
जिला
दण्डाधिकारी
होते
हैं। निर्वाचक
रजिस्ट्रीकरण
अधिकारी
विधान
सभा
निर्वाचन-क्षेत्र
की
निर्वाचक
नामावलियों
की
तैयारी
के लिए उत्तरदायी
होता
है।
किसी संसदीय
निर्वाचन-क्षेत्र
के लिए
निर्वाचक
नामावली
वही
होगी जो
उसमें सम्मिलितविधान
सभा
निर्वाचन
क्षेत्रों
की हैं।
प्रश्न
20 :
मतदान
केन्द्र
पर
मतदान
कौन
संचालित
करता
है?
उत्तर
: पीठासीन
अधिकारी।
मतदान
अधिकारियों
की
सहायता
से
पीठासीन
अधिकारी
मतदान
केन्द्र
में
मतदान
कार्य
संचालित
करता
है।
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